Sunday, 24 November 2019

हादसा है ज़िंदगी




हादसे ही है यहाँ या हादसा है जिंदगी
तू हादसों से लड़ झगड़ तो बादशाह है ज़िन्दगी

पास गम का खाब है
आंखों में तेरे प्यास है

इस प्यास को तू ओर जगा
है वास्ता ए ज़िन्दगी

हादसे ही है यहाँ या हादसा है जिंदगी

के जोड़ दे तो तोड़ दे खुद को यूं मरोड़ दे

खाख कर तू खुद को यूं के राख सी हो ज़िन्दगी

हादसे ही है यहाँ या हादसा है ज़िन्दगी

हाथ तेरे कुछ नहीँ
ज्ञात तुझको कुछ नहीं

बात कर ओर याद रख
के जंग है ये ज़िन्दगी

खुद को करदे सोना फिर सोने सी हो ये ज़िन्दगी

हादसे ही है यहाँ या हादसा है जिंदगी

लड़ जा तू मौत से
कर बात सीना ठोक के

इन सायों को तू दूर कर
ओर खुद को ही तू ज्योत दे

हर हार की तू मात बन
फिर जीत ही है जिंदगी

के हादसे ही है यहाँ या हादसा है ज़िन्दगी

के सुन मत ये शोर है
के सबके दिल मे चोर है

तू सूर्य है दहक रहा
ये अंधेरा भी घनघोर है

दुनिया पर कर फतह 
सिकन्दर है जिंदगी

हादसों से लड़ यहाँ
या हादसा ही बन यहाँ

के हादसे ही है यहाँ या हादसा है ज़िदंगी

के बन रहा तो ओर बन
के घट रहा तो दौर बन

खुद को यूँ गीठान दे
न टूटे तू वो डोर बन

ये साज़ सुन
ओर शोर बन

इमारत है तू ओर बन

बस मंज़िलो को ही पहुँचे तू
ओर रास्ता हो ज़िन्दगी

के हादसों की हार कर
ओर बन हादसा ए ज़िन्दगी

के हादसे ही है यहाँ या हादसा है ज़िन्दगी
के हादसे ही है यहाँ या हादसा है ज़िन्दगी




अप्रतिम और अप्रकाशित                                                                   By PRASHANT GURJAR



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