बस इसलिए मुझे तुमसे प्यार है.....

बस इसीलिए मुझे तुमसे प्यार है

जब तुम बच्चों 
 की तरह मुझे बुलाती हो

हौले से करीब आती हो
कभी - कभी रूलाती हो

फिर बच्चों की तरह मनाती हो
बस इसलिए तुम पर ऐतबार बार है.....

बस इसलिए मुझे तुमसे प्यार है....


जज़्बात मेरे तुम जानती हो
एक तुम ही तो हो जो दिल से अपना मानती हो.....

माना के बहुत गलतियां करता हु में
पर अच्छा लगता हे जब तुम हक़ से डांटती हो.....

बस इसलिए एक तरफ तू ओर
एक तरफ सारा संसार है.....

बस इसलिए मुझे तुमसे प्यार है.....

अच्छा लगता हे जब तुम मेरी बेतुकी बाते भी
बड़े ध्यान से सुनती हो

अच्छा लगता हे जब तुम कहती हो तुम मेरे हो
अच्छा लगता हे इस दिल को भी जो तुम इसमे रहती हो.....

अच्छा लगता हे जब तुम मेरा गुस्सा भी बड़े प्यार से सहती हो.....

बस इसलिए हर बात तेरी मेरा इकरार है
बस इसलिए मुझे तुमसे प्यार है.....

बस इसलिए सारी दुनिया के सामने ये इकरार है
के बस इसलिए मुझे तुमसे बेइंतहा प्यार है.....

तेरे बिना टिक नही पाऊंगा इस दुनिया मे 
में दो दिन भी

ओर ये दिल भी तेरे बिना लाचार है
बस इसलिए मुझे तुमसे प्यार है.....

तेरे बिना ये जिंदगी बेकार है
बस इसलिए मुझे तुमसे प्यार है.....

बहुत खुश हूं में जो तू मेरे संग ए यार है
बस सिर्फ इसलिए मुझे तुमसे प्यार है.....

मुझे तुमसे ये कहना बहुत अच्छा लगता है
ओर अब यही इस दिल का कारोबार है.....

बस इसलिए मुझे तुमसे प्यार है.....

ए हमदम मेरे हमेशा साथ रहना 
अब तू ही मेरी ज़िंदगी है....


ओर क्यों कि सिर्फ यही मुझे याद है.....

की बस इसलिए मुझे तुमसे प्यार है.....


अप्रतिम और अप्रकाशित                                                By PRASHANT GURJAR

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